मुझको ख़बर मिली,
मेरा सामान कोई ले गया।
ढूँढ़ा उसको बहुत,
पर वो कहीं खो गया।
मुझको ख़बर मिली,
मेरा सामान कोई ले गया।
पूछा मैंने गली-गली—
किसने की ये चोरी?
जब उसका पता मिला,
तब तक हो चुकी थी देरी।
दिल लेकर जा चुका था वो,
छोड़ गया यादें ढेर सारी।
दिल का ऐसा चोर था वो,
ले गया मेरी दुनिया सारी।
मुझको ख़बर मिली,
मेरा सामान कोई ले गया।
ढूँढ़ा उसको बहुत,
पर वो कहीं खो गया।
मुझको ख़बर मिली,
मेरा सामान कोई ले गया।
बड़ा मुश्किल है रहना,
अपने सामान के बिना।
ऐ चोर! लौटा दे मेरा सामान,
तेरे बिन हूँ मैं परेशान।
दिल मेरा वापस कर दे,
या ले चल मुझे अपने साथ।
तेरे बिना अब कटते नहीं,
मेरे दिन और रात।
मुझको ख़बर मिली,
मेरा सामान कोई ले गया।
ढूँढ़ा उसको बहुत,
पर वो कहीं खो गया।
मुझको ख़बर मिली,
मेरा सामान कोई ले गया।