बरसात हुई,
दिल बोला,
क्यों है तू अकेला?
आ जा हमदम,
संग-संग भीगें,
तुम और हम।
बरसात की बूँदें,
गा रहीं तराना,
कह रहीं फ़साना,
जल्दी आना।
बना न कोई बहाना,
तेरे बिन मुश्किल है रहना,
आ जा हमदम,
खो जाएँ इस बरसात में,
हम तुम।
बरसात हुई,
दिल बोला,
क्यों है तू अकेला?
आ जा हमदम,
संग-संग भीगें,
तुम और हम।
बादल गरज-गरज कर,
तुमको बुलाएँ,
हवाओं को भेजकर,
पैग़ाम पहुँचाएँ।
कहें तुमसे जल्दी आओ,
अब न देर लगाओ,
आ जा मेरे हमदम,
डूब जाएँ एक-दूजे के,
प्यार में हम।
बरसात पुकारे,
बादल पुकारें,
हवाएँ पुकारें तुझे।
दिल मेरा पुकारे,
आ जा मेरे हमदम,
बस एक बार मिलने मुझे।
बरसात हुई,
दिल बोला,
क्यों है तू अकेला?
आ जा हमदम,
संग-संग भीगें,
तुम और हम।
आ जा हमदम,
आ जा हमदम,
संग-संग रहें हमेशा,
तुम और हम।