मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे

मेरी सहेलियाँ घूमे विदेश,
तुम न दिखा पाए मुझे मेरा देश ,
कब मिलेगी छुट्टी तुम्हें काम से?
कब करोगे पूरे अरमान रे |
मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे,
बातों से बहलाते मुझे ,हे राम रे |

वादे बड़े बड़े करते ,
पर करते न वादे पूरे|
अभी तक हैं सारे सपने,
मेरे अधूरे

मेरी सहेलियाँ घूमे विदेश,
तुम न दिखा पाए मुझे मेरा देश ,

कब मिलेगी छुट्टी तुम्हें काम से?
कब करोगे पूरे अरमान रे |
मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे,
बातों से बहलाते मुझे ,हे राम रे |

राह निहारते-निहारते ,
निकल गए दिन ,महीने ,साल|
अब तो कर दी हद सैयाँ,
थक गयी मैं सुन – सुन हाल |

मेरी सहेलियाँ घूमे विदेश,
तुम न दिखा पाए मुझे मेरा देश ,

कब मिलेगी छुट्टी तुम्हें काम से?
कब करोगे पूरे अरमान रे |
मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे,
बातों से बहलाते मुझे ,हे राम रे |

आस में तेरी बैठी हूँ,
करोगे वादे पूरे|
राह तेरी तकते-तकते,
थक गए नैना मेरे |

मेरी सहेलियाँ घूमे विदेश,
तुम न दिखा पाए मुझे मेरा देश ,

कब मिलेगी छुट्टी तुम्हें काम से?
कब करोगे पूरे अरमान रे |

मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे,
बातों से बहलाते मुझे ,हे राम रे |
मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे,
मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे,
मेरे सैयाँ बड़े बेईमान रे|

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