साजन म्हारो आयो परदेस से,
थारे चरण पड़ते ही,
खिल उठ्यो म्हारो आंगणो रे|
साजन म्हारो आयो परदेस से|
पायल-चूड़ी छन -छन बोले,
थाने ही बुलावे|
घूमर-घूमर घूमूँ मैं,
नैना थाने ही निहारे|
साजन म्हारो आयो परदेस से|
पाँव मेरे ना थामे,
थारी ओर खिंच जावे|
मन मोरो डोले रे,
प्रीत री धुन गावे|
साजन म्हारो आयो परदेस से|
घाघरो मारो लहर-लहर डोले,
ओढणी रंग बिखरावे|
थारो मुखड़ो देखत ही,
मन मोरो मुस्कावे|
साजन म्हारो आयो परदेस से|
नैनाँ में सपनां सज्या ,
दिल खुशियाँ बरसावे|
थारो साथ मिल्यो साजन,
जीवन महकावे|
साजन म्हारो आयो परदेस से|
साजन म्हारो आयो परदेस से|