रिमझिम रिमझिम पानी बरसा

रिमझिम रिमझिम पानी बरसा ,
टिप -टिप की धुन बजी |
बादलों ने आसमान में ,
काली चादर बिछाई |
भीगी – भीगी देखो रुत आई ,
हम तुम आओ भीग जाएँ |

सावन किन इस बरखा में ,
अपनी सुध – बुध हम बिसराएँ |
डूब जाएँ इस मौसम में ,
एक – दूजे में खो जाएँ |

रिमझिम रिमझिम पानी बरसा ,
टिप -टिप की धुन बजी |
बादलों ने आसमान में ,
काली चादर बिछाई |
भीगी – भीगी देखो रुत आई ,
हम तुम आओ भीग जाएँ |

बूँद -बूँद बारिश की ,
धीरे -धीरे ,चुपके – चुपके ,
मन की बातें बोले ,
दिल के सारे राज़ खोले |
सावन का मौसम आए ,
भीगे – भीगे इस मौसम में ,
प्यार के सपने सजाएँ |

रिमझिम रिमझिम पानी बरसा ,
टिप -टिप की धुन बजी |
बादलों ने आसमान में ,
काली चादर बिछाई |
भीगी – भीगी देखो रुत आई ,
हम तुम आओ भीग जाएँ |

रिमझिम रिमझिम पानी बरसा। …
रिमझिम रिमझिम पानी बरसा ,…..