भारताम्बा नमामि

नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि |
नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि ||

कश्मीर मुकुट ,हिमालय शान ,
कन्याकुमारी त्रिवेणी महान |
हे मातृभूमि ,सादर प्रणाम |
हे मातृभूमि ,सादर प्रणाम | |

नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि ||

प्रकृति की अनुपम छटा ,
सबकी जीवनदायिनी |
आपकी पावन धरा ,
सबकी सुखदायिनी | |

नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि ||


भाषाएँ अनेक , धर्म अनेक ,
आपकी गोद में हम सब एक |
हे मातृभूमि ,हम सब संतान ,
आप ही हमारी एक पहचान | |

नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि |
नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि ||

BEHIND THE SCENES

मैं एक फौजी की बेटी और एक फौजी की पत्नी हूँ |
मैंने अपने पापा और अपने पति को रिटायरमेंट के बाद भी फौज की उस जीवनशैली को याद करते देखा है |

मैं अक्सर सोचती हूँ –जब एक फौजी की बेटी और पत्नी होने के नाते मुझे उस जीवन पर इतना गर्व है और उसकी यादों से इतना जुड़ाव है ,तो मेरे पापा और मेरे पति ,जिन्होंने स्वयं उस वर्दी को पहना ,कठिन परिस्थितियों का सामना किया और उस अनुशासित जीवन को जिया ,वो कितना गर्व महसूस करते होंगे |

मुझे गर्व है कि मैं भारतीय हूँ और इस बात का भी गर्व है कि मुझे उन संस्थानों और उस परिवेश का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला ,जहाँ देश सर्वोपरि होता है और जहाँ मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने से भी वीर पीछे नहीं हटते |

इन्ही भावनाओं से प्रेरित मेरा गीत “नमामि भारताम्बा “भारत की भौगोलिक विविधता ,प्राकृतिक सौंदर्य और अनेकता में एकता के भाव को समर्पित है |

ये गीत मेरी मातृभूमि को मेरा नमन है —-

नमामि ,नमामि ,
भारताम्बा नमामि |


इस बार Niche में बदलाव किया क्योंकि मेरे पति फौज को याद कर रहे थे और 15 अगस्त भी नज़दीक है तो सोचा कोशिश करूँ |

जय हिन्द