ऊँचे पहाड़, लंबा रास्ता,
करके आई पार।
आई माँ तेरे दरबार में,
दर्शनों की आस लिए,
आई तेरे द्वार,
आई तेरे द्वार।
लाल चुनरिया, फूलों की माला,
लाई तेरे धाम।
चरणों में रख लो माँ मुझको ,
जपती हूँ तेरा नाम।
हे माँ शेरोंवालिए,
सुन ले मेरी पुकार,
तेरे चरणों में मिल जाए,
मुझको सुख अपार।
जय माता दी!
जय माता दी !
जय माता दी!
जय माता दी !
आई माँ तेरे दरबार में,
दर्शनों की आस लिए,
आई तेरे द्वार,
आई तेरे द्वार।
हलवा-पूरी, खीर का भोग,
श्रद्धा से माँ चढ़ाऊँ ,
प्रेम से इसका भोग लगा लो,
तेरी महिमा गाऊँ |
खड़ी है तेरी भक्त द्वार पर,
करती तेरा इंतज़ार।
एक झलक दिखला दो मैया,
कर दो बेड़ा पार।
जय माता दी!
जय माता दी!
जय माता दी!
जय माता दी !
आई माँ तेरे दरबार में,
दर्शनों की आस लिए,
आई तेरे द्वार,
आई तेरे द्वार।
आई तेरे द्वार…
आई तेरे द्वार…
दर्शनों की आस लिए,
आई माँ तेरे द्वार…