धीरे-धीरे,
हौले-हौले,
चुपके-चुपके,
अपनी मीठी बातों से,
मुझको बहका दिया,
दिल को मेरे धड़का दिया।
आँधी की तरह मेरी ज़िंदगी में आए,
बूँद-बूँद पानी बनकर मेरे दिल में समाए।
वक़्त ने कब करवट ली,
मुझको ख़बर न हुई—
कब तुम्हें अपना समझकर,
मैं तुम्हारी हो बैठी।
धीरे-धीरे,
हौले-हौले,
चुपके-चुपके,
अपनी मीठी बातों से,
मुझको बहका दिया,
दिल को मेरे धड़का दिया।
तुम्हारी हर अदा मुझको ,
तुम्हारी ओर ले जाए।
ना-ना करते हुए भी दिल,
तुमसे दूर न रह पाए।
हार गई मैं अपने दिल से,
जीत गए तुम मुझसे।
दिल पर मेरे जादू करके ,
मुझको अपना बना लिया |
धीरे-धीरे,
हौले-हौले,
चुपके-चुपके,
अपनी मीठी बातों से,
मुझको बहका दिया,
दिल को मेरे धड़का दिया।
धीरे-धीरे…
हौले-हौले…
दिल को मेरे धड़का दिया…
धीरे-धीरे…
हौले-हौले…
मुझको अपना बना लिया…