आँखों आँखों में

आँखों आँखों में
कह दी दिल की बात,
पर वो नासमझ
न समझे इशारे,
है दिल बेकरार|

जानूँ करता प्यार वो मुझसे
फिर भी, होठों पर रहता इंकार|
आँखों से उसकी हो जाऊँ अगर दूर,
ढूंढें वो मुझको होकर मजबूर|

आँखों आँखों में
कह दी दिल की बात,
पर वो नासमझ
न समझे इशारे,
है दिल बेकरार|

क्या मैं करूँ,
वो कर ले अब तो इकरार|
हार गयी मैं अब तो,
कब तक करूँ मैं इंतज़ार?

आँखों आँखों में
कह दी दिल की बात,
पर वो नासमझ
न समझे इशारे,
है दिल बेकरार|

ख़ामोशी ने तो कर लिया इकरार,
जुबां भी बोल दे एक बार,
करते हो तुम,
मुझसे ही प्यार |

आँखों आँखों में
कह दी दिल की बात

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